यूपी के गाजीपुर में पुलिस का शर्मनाक चेहरा सामने आया है। यहां के पुलिस वालों की हरकत जान आप भी दंग रह जाएंगे। उन्होंने लावारिस व्यक्तियों के शव को पोस्टमॉर्टम के बाद दाह संस्कार के बजाय नाले में फेंक दिया। मामले का खुलासा गुरुवार को उस समय हुआ, जब पुलिस वालों द्वारा फेंका गया शवनाले से बरामद हुआ। आरोपित सिपाही और होमगार्ड को निलंबित कर दिया गया है।
बोरे में मिले शव
- गाजीपुर में डीएम आवास के बगल से गुजरने वाले नाले में गुरुवार को कई बोरे में बंद शव मिले।
- शव की शिनाख्त नहीं हो पाई थी। शव बुरी तरह सड़े गले थे।
- पुलिस मामले की छानबीन कर रही थी। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया तो मालूम चला कि शवों का तो पोस्टमॉर्टम हो चुका है।
- ये सुनकर पुलिस अफसरों के होश उड़ गए।
- पुलिस मामले की छानबीन कर रही थी। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया तो मालूम चला कि शवों का तो पोस्टमॉर्टम हो चुका है।
- ये सुनकर पुलिस अफसरों के होश उड़ गए।
- उनमें से 1 का तो पिछले 15 दिसंबर को ही पोस्टमॉर्टम हुआ था।
- तफ्तीश की गई तो खुलासा हुआ कि गाजीपुर जिला अस्पताल में भर्ती एक लावारिस व्यक्ति कि पिछले 12 दिसंबर को इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
- इसके बाद उसकी शिनाख्त के लिए तीन दिनों तक शव मर्चरी में रखा गया।
- शिनाख्त न हो पाने पर शव का पोस्टमॉर्टम किया गया और शव को दाह संस्कार के लिए एक सिपाही-होमगार्ड को सौंप दिया गया।
- आरोपी सिपाही और होमगार्ड ने शव का दाह संस्कार कराने के बजाय लावारिस शव को बोरे में भरा और नाले में फेंक दिया।
- लेकिन उनकी ये अमानवीय करतूत सबके सामने आ गई, जब शव नाले से निकाला गया।
- इसके बाद उसकी शिनाख्त के लिए तीन दिनों तक शव मर्चरी में रखा गया।
- शिनाख्त न हो पाने पर शव का पोस्टमॉर्टम किया गया और शव को दाह संस्कार के लिए एक सिपाही-होमगार्ड को सौंप दिया गया।
- आरोपी सिपाही और होमगार्ड ने शव का दाह संस्कार कराने के बजाय लावारिस शव को बोरे में भरा और नाले में फेंक दिया।
- लेकिन उनकी ये अमानवीय करतूत सबके सामने आ गई, जब शव नाले से निकाला गया।
क्या कहती है पुलिस
- पुलिस के मुताबिक, जो हुआ ये बेहद शर्मनाक है, ऐसा नहीं होना चाहिए।
- फिलहाल आरोपी सिपाही बुद्धिमान सिंह और होमगार्ड को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।
Source - Dainik Bhaskar







